पुलिस ने किया खाड़ी देशों में भारतीय बाल वधूओं को बेचने वाले तस्क;रों का पर्दाफाश

by Roli Srivastava | @Rolionaroll | Thomson Reuters Foundation
Thursday, 21 September 2017 15:33 GMT

Schoolgirls walk past a police barricade during a protest in the southern Indian city of Hyderabad January 28, 2013. REUTERS/Krishnendu Halder

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-    रोली श्रीवास्तव

मुंबई, 21 सितंबर (थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन) - पुलिस ने दक्षिण भारतीय शहर हैदराबाद में तस्करी की गई बारह लड़कियों को बचाया और खाड़ी देशों के अमीर लोगों को दुल्हन बेचने के एक बड़े नेटवर्क के 20 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है।

बुधवार को की गई कार्रवाई में ओमान, कतर के नागरिकों, होटल मालिकों, दलालों और निकाह पढ़वाने वाले काजि़यों को गिरफ्तार किया गया। एक कार्यकर्ता का कहना है कि इस कार्रवाई से ऐसे धंधों पर लगाम कसने में मदद मिल सकती है।

हैदराबाद पुलिस आयुक्त महेंदर रेड्डी ने एक बयान में कहा, "निर्दोष मुस्लिम लड़कियों को अरब देशों के धनी शेखों के साथ शादी के जाल में फंसाया जाता है।"

"नये देश में पहुंचने पर कई अन्य लोग भी उनका शोषण करते हैं।"

पुलिस ने कहा कि बचाई गई लड़कियों के निकाह की पूरी तैयारी थी।

कार्यकर्ताओं का कहना है कि हर साल इस प्रकार से कई शादियां करवाई जाती हैं और ज्यादातर मामलों में लड़कियों का शारीरिक और यौन शोषण किया जाता है  या उन्‍हें घरेलू दासता के भंवर में ढ़केल दिया जाता है।

गिरफ्तार लोगों में हैदराबाद के पश्चिम में लगभग 700 किलोमीटर (435  मील) दूर स्थित मुंबई के मुख्य काज़ी फरीद अहमद खान भी शामिल है। उस पर लड़कियों की तस्करी करने का आरोप है।

पुलिस ने कहा कि खान ने कई महिलाओं के निकाह पढ़वाये और शादी के नकली प्रमाण पत्र दिये थे, जिनके लिये दलालों और एजेंटों के नेटवर्क ने नकली पहचान पत्र और यात्रा की व्यवस्था की थी।

प्रौद्योगिकी केन्‍द्र हैदराबाद में दशकों से अक्सर बड़ी उम्र के अमीर अरब पुरुषों के साथ शादी कराना प्रचलित है। शादी की सहमति देने के लिए लड़कियों के माता-पिता को आमतौर पर नकद धन मिलता है।

पुलिस ने हैदराबाद और आस-पास के इलाकों में बाल विवाह पर कार्रवाई की है लेकिन अधिकारियों का कहना है कि ज्यादातर शादियां चोरी-छिपे की जाती हैं।

पिछले महीने हैदराबाद पुलिस ने मस्कट से एक 16 वर्षीय लड़की द्वारा मदद के लिये अपनी मां से संपर्क करने के बाद इस मामले की जांच शुरू की थी। इस लड़की की पांच लाख रुपये के एवज में 65 साल के ओमान के नागरिक के साथ शादी की गई थी।

शाहीन्‍स वीमन्‍स रिसोर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन की संस्थापक जमीला निशात ने कहा, "इस तरह की कार्रवाईयों से परिवार ऐसी शादियां कर अपनी बेटियों को दूर भेजने से डरेंगे, जो वे धन के लालच में करते हैं।"

"यह बड़ी कार्रवाई है और इससे इस प्रचलन पर रोक लगेगी।"

(रिपोर्टिंग- रोली श्रीवास्‍तव, संपादन- केटी मिगिरो; कृपया थॉमसन रॉयटर्स की धर्मार्थ शाखा, थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन को श्रेय दें, जो मानवीय समाचार, महिलाओं के अधिकार, तस्करी, भ्रष्टाचार और जलवायु परिवर्तन को कवर करती है। देखें news.trust.org)

 

 

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