कुवैत में रोजगार दिलाने का वादा किये गये भारतीय श्रमिक नकली टिकट के साथ हवाई अड्डे पर गिरफ्तार

by Roli Srivastava | @Rolionaroll | Thomson Reuters Foundation
Wednesday, 1 November 2017 10:19 GMT

Air India passenger planes are seen parked at the Chhatrapati Shivaji International airport in Mumbai, India, February 7, 2017. REUTERS/Danish Siddiqui

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Indian officials are trying to crack down on unauthorised agents who promise to organise well paid jobs as cleaners and labourers in the Gulf states
  • रोली श्रीवास्तव

मुंबई, 1 नवंबर (थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन) - मुंबई पुलिस ने फर्जी टिकट और वीज़ा पर कुवैत के लिये उड़ान भरने की कोशिश करते 30 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस उन गैर लाइसेंसधारी भर्ती एजेंटों की भी तलाश में है, जिन्होंने खाड़ी देशों में उनके रोजगार के लिये यात्रा की व्‍यवस्‍था करने के वास्‍ते उनसे एक लाख रुपये लिये थे।

पुलिस ने बताया कि मंगलवार को उत्तर प्रदेश के लोगों को फर्जी टिकट के साथ उस समय गिरफ्तार किया गया जब वे हवाई अड्डे पर विमान के अंदर जाने के लिये जांच करवाने की कोशिश कर रहे थे। पुरुषों पर धोखाधड़ी और जालसाजी का आरोप लगाया गया है तथा उन्हें हिरासत में रखा गया है।

मुंबई पुलिस की वरिष्ठ इंस्‍पेक्‍टर लता सिरसत ने कहा कि पुलिस टीम उन अनधिकृत भर्ती एजेंटों की तलाश में उत्तर प्रदेश जा रही है, जिन्‍होंने इन लोगों के फर्जी दस्तावेज बनाकर उन्‍हें धोखा दिया है।

उन्‍होंने थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन को बताया, "ये सभी 30-32 साल के गरीब पुरुष हैं।"

भारतीय अधिकारी उन अनधिकृत एजेंटों पर कार्रवाई करने की कोशिश कर रहे हैं जो खाड़ी देशों  में क्लीनर और मजदूरों के रूप में लोगों को अच्छी नौकरियां दिलाने का वादा करते हैं। लेकिन वे उन्‍हें धोखा देते हैं और उनसे मजदूरी का भुगतान न करने से लेकर शारीरिक शोषण तक की शिकायतें मिलती हैं।

विदेशों में रोजगार पाने के लिए श्रमिकों को केवल लाइसेंस प्राप्त एजेंटों के माध्यम से ही वहां जाना चाहिये ऐसे संदेश के विज्ञापन रोजाना रेडियो पर प्रसारित किये जाते हैं।

उत्तर प्रदेश में प्रवासी संरक्षक विवेक शर्मा ने कहा कि धोखाधड़ी का ऐसा मामला पहले कभी नहीं देखा गया था।

शर्मा ने थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन को बताया, "मेरे सामने इतने बड़े पैमाने पर नकली टिकट की धोखाधड़ी का मामला पहली बार आया है, जिसमें 30 लोग शामिल हैं।"

उत्तर प्रदेश देश के सबसे गरीब राज्यों में से एक है और गरीबी तथा नौकरियों की कमी के कारण कई लोग मुंबई जैसे बड़े शहरों में जाने को मजबूर हैं। लेकिन कार्यकर्ताओं का कहना है कि नौकरी पाने के लिये खाड़ी देशों में जाना नयी बात है।

प्रवासी अधिकार कार्यकर्ता भीम रेड्डी ने कहा, "यह चलन लगभग दो-तीन साल पहले शुरू हुआ था और अब उत्तर प्रदेश से ज्यादातर लोग खाड़ी देशों को जा रहे हैं। वे अत्‍यधिक गरीब लोग हैं और कईयों के गांवों में तो सड़कें भी नहीं हैं।"

सरकारी आंकड़ों के अनुसार छह खाड़ी देशों- बहरीन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और ओमान में 60 लाख भारतीय प्रवासी हैं।

(रिपोर्टिंग- रोली श्रीवास्‍तव, संपादन- बेलिंडा गोल्‍डस्मिथ; कृपया थॉमसन रॉयटर्स की धर्मार्थ शाखा, थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन को श्रेय दें, जो मानवीय समाचार, महिलाओं के अधिकार, तस्करी, भ्रष्टाचार और जलवायु परिवर्तन को कवर करती है। देखें news.trust.org)

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