चेन्‍नई, 23 मई (थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन) – आंध्र प्रदेश के मंत्री का कहना है कि उनके प्रदेश की घरेलू नौकरानियां शोषण करने वाले मालिकों के चंगुल से भागने की कोशिश करते हुये या अपनी वीजा अ‍वधि से अधिक समय तक अन्‍य देश में रहने के आरोप में खाड़ी देशों की जेलों में निस्‍तेज कैद हैं। उन्‍होंने केंद्र सरकार से इन महिलाओं की मदद करने का आग्र‍ह किया है।

  विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज को भेजे एक पत्र में आंध्र प्रदेश के भारतीय अनिवासी कल्‍याण मंत्री पल्‍ले रघुनाथ रेड्डी ने इन महिलाओं को वापस लाने की कार्रवाई करने को कहा है। 

  पत्र में उन्‍होंने लिखा है कि‍ “उन महिलाओं को निशुल्‍क यात्रा सुविधा और आवश्‍यक वीजा कागजात जल्‍द से जल्‍द मुहैया करवा कर अपने मूल क्षेत्रों में उनकी सुरक्षित वापसी के लिये जरूरी कदम उठाये जाना चाहिये।”

  “खाड़ी देशों में भारतीय दूतावासों के अधिकारियों को इस मामले में हस्‍तक्षेप करने के निर्देश दिये जाने चाहिये और भोजन, कपड़े तथा आश्रय जैसी आवश्‍यक मदद उपलब्‍ध कराई जानी चाहिये।”

  सरकारी आंकड़े बताते हैं कि खाड़ी के छह देशों- बहरीन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब,संयुक्‍त अरब अमीरात और ओमान में अनुमानित 60 लाख भारतीय प्रवासी हैं।

     इनमें वे महिलायें शामिल हैं, जो भारत से तीन गुना अधिक वेतन के लालच में विदेशों में नौकरी करने के लिये अपना गांव छोड़कर अपना भाग्‍य भर्ती एजेंटों के हाथों में सौंप देती हैं और ये एजेंट अक्‍सर उनके साथ धोखा करते हैं।

  खाड़ी देशों में मुसीबत में फंसे प्रवासियों की संख्‍या के बारे में सरकारी आंकड़े उपलब्‍ध नहीं हैं, लेकिन विशेषज्ञों को कहना है कि वहां ऐसे हजारों प्रवासी रहते हैं और उनमें से कई जेल में कैद हैं।

  आंध्र प्रदेश सरकार के मुताबिक कई लोग प्रवासी पर्यटन वीजा की अवधि से अधिक समय तक वहां रहते हैं और स्‍वदेश वापसी के लिये आवश्‍यक जुर्माना नहीं भर पाते हैं। कुछ लोगों के पास निर्गम वीजा नहीं होते हैं। कई अन्‍य छोटे-मोटे अपराधों के लिये जेलों में कैद अपने मामले की सुनवाई की राह तक रहे हैं।

  पिछले हफ्ते भेजे पत्र में रेड्डी ने लिखा कि “आंध्र प्रदेश और पडोसी तेलंगाना की महिलाओं को दुकानों में रखे उत्‍पादों की तरह बेचा जाता है।”

  मंत्री ने लिखा कि “सऊदी अरब में महिलाओं को चार लाख रुपये में और बहरीन, संयुक्‍त अरब अमीरात तथा कुवैत में एक से दो लाख रुपये में बेचा जाता है।”

  उन्‍होंने बताया कि खाड़ी देशों की जेलों में कैद कम से कम 25 महिलाओं ने हाल ही में राज्य सरकार से मदद मांगी है।

    मार्च में संसद में एक प्रश्‍न के उत्‍तर में विदेश मंत्री ने कहा था कि खाड़ी के सभी छह देशों के उनके दूतावासों में शारीरिक उत्‍पीड़न, दुर्व्‍यवहार, वेतन ना देना और अन्‍य शिकायतें दर्ज की गई हैं।

    नाम ना छापने की शर्त पर आंध्र प्रदेश सरकार में एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि राज्‍य के मंत्रियों का एक समूह उनके क्षेत्र के प्रवासियों की स्थिति का जायजा लेने के लिये अगले महीने खड़ी देशों का दौरा करेगा।  

  अधिकारी ने बताया कि राज्‍य सरकार खाड़ी देशों की जेलों में बंद भारतीय कैदियों को कानूनी परामर्श उपलब्‍ध कराने के लिये वकील नियुक्त कर रही है।

(रिपोर्टिंग- अनुराधा नागराज, संपादन- रोस रसल; कृपया थॉमसन रॉयटर्स की धर्मार्थ शाखा, थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन को श्रेय दें, जो मानवीय समाचार, महिलाओं के अधिकार, तस्करी, भ्रष्टाचार और जलवायु परिवर्तन को कवर करती है। देखें news.trust.org)

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