– अनुराधा नागराज
चेन्नई, 26 सितम्बर (थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन)- दक्षिण भारत के एक मध्यम वर्गीय घर से भाग निकलने के बाद 11 साल की एक लड़की ने सोमवार को जांचकर्ताओं को बताया कि उस घर में उससे जबरन घरेलू नौकरानी के तौर पर काम करवाया जाता था। उसने बताया कि उसके परिजनों ने उसका स्कूल छुड़वा कर करीबन एक हजार रूपये में उसे बेच दिया था।
रविवार की सुबह बंदरगाह शहर चेन्नई के नजदीक तांबरम में एक घर से भाग निकलने के बाद उस लड़की ने बाल कल्याण समिति के अधिकारियों को बताया कि उससे दो घरों में चौबीस घंटे जबरन काम करवाया जाता था, उसे बहुत कम भोजन दिया जाता और उसे वेतन भी नहीं दिया जाता था तथा उसका स्कूल भी छुड़वा दिया गया था।
स्थानीय बाल कल्याण समिति के सदस्य जहीरूद्दीन मोहम्मद ने कहा, “उसने रविवार को करीबन सुबह चार बजे दीवार पर चढ़कर एक ऑटो रिक्शा चालक से मदद मांगी।”
“अभी वह एक सरकारी बाल गृह में है। प्रारंभिक जांच से लगता है कि उसका शोषण किया गया, उसे बहुत ही कम भोजन दिया गया और उसे कोई छुट्टी भी नहीं दी जाती थी।”
अगस्त में भारत सरकार द्वारा जारी अपराध आंकड़ों से पता चलता है कि वर्ष 2015 में मानव तस्करी के 40 प्रतिशत से अधिक मामलों में बच्चों को खरीदा, बेचा गया और आधुनिक समय के गुलाम के रूप में उनका शोषण किया गया है।
आंकड़े दर्शाते हैं कि 2015 में भारत में मानव तस्करी के मामले 25 प्रतिशत बढ़े हैं और 9,127 पीड़ितों में से 43 प्रतिशत 18 साल से कम उम्र के बच्चे थे।
इन अपराधों में शारीरिक संबंध बनाने के इरादे से युवा लड़की को बरगलाना, वेश्यावृत्ति के लिये लड़की को खरीदना या बेचना और बच्चों को दास बनाकर रखना शामिल है।
समिति को दिए बयान में 11 वर्षीय लड़की ने कहा कि उसे तमिलनाडु के तिरूवरूर से लगभग 300 किलोमीटर (190 मील) दूर गांव से काम करने के लिए लाया गया था। वहां वह अपने दादा-दादी के साथ रहती थी और सातवीं कक्षा में पढ़ती थी। उसके माता पिता ने उसे त्याग दिया था।
मोहम्मद ने थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन से कहा, “लड़की ने हमें बताया कि उसकी मां के एक परिचित के हाथों उसे बेचा गया था, जो उससे अपने घर और अपने ससुराल में घरेलू नौकरानी के तौर पर काम करवाता था।”
इस लड़की को “खरीदने वाले” व्यक्ति की एक ट्रैवल एजेंसी है और लड़की के घर से भाग जाने पर उसने लड़की के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई है।
समिति का कहना है कि वह पुलिस में उस व्यक्ति की शिकायत दर्ज करवायेगी और लड़की के बयान के आधार पर उसके खिलाफ तस्करी का मामला दर्ज किया जायेगा।
मोहम्मद ने कहा, “उसकी तस्करी करने वाले का जिक्र आने पर ही वह लड़की डर से कांपने लगती है। हमारे पास लाये जाने के समय वह अत्यधिक डरी हुई थी।”
लड़की के बयान के अनुसार उसे मात्र एक हजार रूपये में बेचा गया था।
(रिपोर्टिंग- अनुराधा नागराज, संपादन-रोस रसल; कृपया थॉमसन रॉयटर्स की धर्मार्थ शाखा, थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन को श्रेय दें, जो मानवीय समाचार, महिलाओं के अधिकार, तस्करी, भ्रष्टाचार और जलवायु परिवर्तन को कवर करती है। देखें news.trust.org)