– रीना चंद्रन
मुंबई, 15 अप्रैल (थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन) – ऑस्कर पुरस्कार प्राप्त फिल्म ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ के निर्माता तबरेज नूरानी 10 साल पहले लॉस एंजिल्स में देह व्यापार की पीडि़ताओं के साथ हुई मुलाकात के अपने अनुभव पर एक फिल्म निर्देशित करेंगे।
फिल्म “लव सोनिया” की शूटिंग अगले हफ्ते शुरू होगी, जिसकी अभिनेत्री “स्लमडॉग मिलियनेयर” की नायिका फ्रीडा पिंटो और अभिनेता नवोदित नायक मृणाल ठाकुर होंगे।
मुंबई में शूटिंग के लिये स्थानों का चयन कर रहे नूरानी ने थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन को बताया, “यह एक फिल्म है, जिसने मुझे खोजा है। यह एक ऐसी कहानी है जिसे बताना जरूरी है कि ये लड़कियां किन हालातों से गुजरती हैं।”
“द बेस्ट एक्जोटिक मेरीगोल्ड होटल”, “लाइफ ऑफ पाई” और “इट,प्रे,लव” जैसी फिल्मों के निर्माता नूरानी ने कहा कि उन्हें पहली बार 2003 में लॉस एंजिल्स में मानव तस्करी के बारे में उस समय पता चला जब चीन से लाये गये एक कंटेनर में कुछ लड़कियां पायी गईं। उन्होंने बताया कि उनमें एक भारतीय युवती भी थी।
इस घटना से नूरानी लॉस एंजिल्स, भारत और हांगकांग में मानव तस्करी को रोकने के लिये काम करने वाले गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) के साथ कार्य करने को प्रेरित हुये। उन्होंने बताया कि वेश्यालयों पर मारे गये कई छापों में भी वे शामिल हुये।
इसके बाद उन्होंने कई वर्ष पटकथा पर काम किया। नूरानी के निर्देशन में बनने वाली इस पहली फिल्म में भारतीय गांव की एक युवती-सोनिया की कहानी है, जो वैश्विक देह व्यापार में फंस जाती है।
उन्होंने कहा कि फिल्म के लिये धन जुटाना एक बड़ी चुनौती थी।
नूरानी ने कहा, “इसमें बहुत समय लगा। बहुत कम लोग हैं जो इस प्रकार की फिल्म में पैसा लगाते हैं। तस्करी पर बहुत फिल्में नहीं बनी हैं, क्योंकि यह कोई आसान, प्रेरणादायक विषय नहीं है।”
वैश्विक गुलामी सूचकांक के अनुसार दुनिया भर में लगभग 3 करोड़ 60 लाख गुलाम हैं, जिन्हें अवैध रूप से वेश्यालयों में भेजा जाता है, जबरन मजदूरी करवायी जाती है या वे गुलामी में ही जन्म लेते हैं। इनमें से आधे-1 करोड़ 60 लाख भारत में हैं।
देह व्यापार में महिलाओं और बच्चों की तस्करी के लिये भारत एक गंतव्य और पारगमन देश है। इनमें से कई ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब होते हैं, जिनसे बढि़या नौकरी दिलाने या शादी का वादा किया जाता है, लेकिन मुंबई जैसे शहरों में लाकर उन्हें वेश्यावृत्ति के लिये बेच दिया जाता है।
“लाइफ ऑफ पाई” के निर्माताओं में से एक और नूरानी की इस फिल्म के निर्माता डेविड वुमार्क ने कहा, “यह फिल्म इस मुद्दे पर एक निर्भिक रूख है। यह ऐसा विषय है जिसे आप कमजोर नहीं कर सकते, अन्यथा यह कहानी के साथ अन्याय होगा।”
उन्होंने कहा, “लेकिन बढि़या नाटक से समस्या के मानवीय तत्वों को उजागर किया जा सकता है।”
भारत, हांगकांग और लॉस एंजिल्स में फिल्माई जाने वाली “लव सोनिया” में अभिनेता पॉल दानो, मनोज वाजपेयी और अनुपम खेर भी होंगे।
तस्करी पर जिलियन एंडरसन की एक और फिल्म “सोल्ड” इस महीने की शुरूआत में रिलीज हुई। इसमें एक नेपाली लड़की की कहानी है, जिसके गरीब माता-पिता उसे अनजाने में एक भारतीय वेश्यालय में बेच देते हैं।
नूरानी ने कहा देह व्यापार उद्योग की उदासी और निराशा के बीच भी एक आशा है।
उन्होंने कहा, “इन महिलाओं और लड़कियों में उत्साह है। इनमे से कुछ बंधन तोड़ कर आगे बढ़ जाती हैं। यहां ढ़ेरों उम्मीद हैं।”
(रिपोर्टिंग- रीना चंद्रन, संपादन – रोस रसल। कृपया थॉमसन रॉयटर्स की धर्मार्थ शाखा, थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन को श्रेय दें, जो मानवीय समाचार, महिलाओं के अधिकार, तस्करी, भ्रष्टाचार और जलवायु परिवर्तन को कवर करती है। और समाचारों के लिये देखें http://news.trust.org)