– गोपाल शर्मा
काठमांडू, 12 सितम्बर (थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन) – सोमवार को एक अधिकारी ने कहा कि पिछले साल के विनाशकारी भूकंप के कारण मानव तस्करी बढ़ने की आशंका के बीच नेपाल पुलिस ने एक अमेरिकी पुरूष पर गांवों के लड़कों को फुसला कर शारीरिक संबंध बनाने के लिये काठमांडू लाने का आरोप लगाया है।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीआईबी) के एक अधिकारी ने बताया कि 48 वर्षीय केनेथ जोसेफ कुम्ब्स को शुक्रवार को काठमांडू के लोकप्रिय पर्यटन जिले- थामेल के एक होटल से गिरफ्तार किया गया, जहां उसके साथ 12 से 16 साल के आठ लड़के थे।
सीबीआई के उप महानिरीक्षक नवराज सिलवाल ने कहा कि माता पिता द्वारा उनके बच्चों के लापता होने की शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने शहर के बीच एक होटल से बच्चों को बचाया।
सिलवाल ने थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन को बताया, “उस (कुम्ब्स) पर बच्चों का यौन शोषण करने का आरोप है और एक अदालत ने उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया है। वह बच्चों को वह सब करने को मजबूर करता, जो एक बाल प्रेमी करता है।”
पुलिस ने कहा कि इसी आरोप में उसके एक नेपाली सहयोगी को भी गिरफ्तार किया गया है। घटनास्थल से एक लैपटॉप, कैमरा और मोबाइल फोन भी जब्त किये गये हैं।
बाल कल्याण अधिकारियों को इन गिरफ्तारियों से हैरानी नहीं हुई है, क्योंकि पिछले वर्ष अप्रैल और मई में इस हिमालयी देश में आये विनाशकारी भूकंप के बाद से मानव तस्करी के मामले काफी बढ़ गये हैं। भूकंप से लगभग 9,000 लोगों की मौत हुई थी।
सिलवाल ने बताया कि कुम्ब्स और उसका नेपाली सहयोगी काठमांडू के आसपास के गरीब गांवों के बच्चों को कथित तौर पर अच्छी नौकरी, कपड़े और भोजन का लालच देते थे, लेकिन इसके बजाय वे उन्हें गुलाम बना कर उनका शोषण और उनके साथ दुष्कर्म करते थे।
दोनों आरोपियों के वकील प्रतिक्रिया देने के लिए उपलब्ध नहीं थे। अमरीकी दूतावास के एक अधिकारी ने कहा कि यह दूतावास की गोपनीयता से जुड़ा मुद्दा है इस कारण वे इसका विवरण नहीं दे सकते हैं।
सिलवाल ने कहा कुम्ब्स इलिनोइ का रहने वाला एक एप डेवलपर है और वह लगातार नेपाल आता रहता है।
पिछले साल के भूकंप से लाखों परिवार बेघर हो गये हैं और मानवाधिकार समूहों को चिंता है कि मानव तस्करी के माफिया लोगों की दयनीय स्थिती का लाभ उठायेंगे।
नेपाली अधिकारियों का कहना है कि आपदा के बाद से 40,000 से अधिक बच्चों ने या तो अपने माता पिता खो दिये हैं या वे घायल हो गये हैं अथवा वे संकट में फंसे हुये हैं।
सरकार के केंद्रीय बाल कल्याण बोर्ड प्रमुख तारक धीताल ने कहा, “पिछले साल के भूकंप के बाद से बच्चों की तस्करी के मामले बढ़े हैं, लेकिन हमें इस तरह के यौन शोषण के मामलों की ज्यादा जानकारी नहीं है।”
“भूकंप जैसी आपदाओं से बच्चे इस तरह के अपराधों के शिकार बनते हैं। हमें इनके बारे में सतर्क रहने की जरूरत है।”
(रिपोर्टिंग- गोपाल शर्मा, संपादन- रोस रसल; कृपया थॉमसन रॉयटर्स की धर्मार्थ शाखा, थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन को श्रेय दें, जो मानवीय समाचार, महिलाओं के अधिकार, तस्करी, भ्रष्टाचार और जलवायु परिवर्तन को कवर करती है। देखें news.trust.org)